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कुल्लू और मंडी · Western Himalaya & Trans-Himalaya

भूभाग और पारिस्थितिक अंचल

घाटी के तल पर शीतोष्ण मानसूनी, उसके ऊपर ठंडी शीतोष्ण से अल्पाइन तक। कुल्लू में साल में मोटे तौर पर 1,000–1,200 मिमी बारिश होती है, जो कांगड़ा से साफ़ तौर पर कम है क्योंकि धौलाधार मानसून की पहली कटाई पहले ही ले चुका होता है, और यही सूखी हवा सेब को चाहिए भी। जाड़ा लगभग 1,800 मीटर से ऊपर बर्फ़ लाता है और नवंबर से मई तक ऊँचे दर्रे बंद कर देता है।

भू-आकृतियाँ

ब्यास की खाई — एक सीधी, गहरी, उत्तर-दक्षिण घाटी, जिसकी दीवारें पीर पंजाल और बृहत् हिमालय श्रेणी बनाती हैंउससे समकोण पर आते पार्श्व नाले — पार्वती, मलाणा, सैंज, तीर्थन, जीवा नाल — हर एक अपने आप में पूरा जलग्रहणलगभग 3,980 मीटर पर रोहतांग की काठी, जो घाटी के सिरे पर जलवायु और संस्कृति दोनों की सीमा हैसराज का धार-इलाका, जिसे लगभग 3,120 मीटर पर जलोड़ी दर्रा पार करता हैमंडी बेसिन, जहाँ ब्यास सुकेती को समेटती है और चौड़ी हो जाती हैलारजी और पंडोह की गहरी घाटियाँ, जहाँ नदी कड़ी चट्टान को चीरकर निकलती है

नदियाँ और जलाशय

ब्यास — रोहतांग के नीचे ब्यास कुंड से निकलती है और पूरे क्षेत्र की लंबाई नापती हैपार्वती — गरम चश्मों वाली घाटी, जो भुंतर पर ब्यास में मिलती हैतीर्थन और सैंज — ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क की नदियाँ, जिनके उद्गम आज भी काफ़ी हद तक अनबँधे हैंऊहल — छोटा भंगाल से उतरकर मंडी के पास ब्यास से मिलती हैसुकेती — सुंदर नगर की नदी, जो मंडी में पंचवक्त्र मंदिर के नीचे ब्यास में मिलती है

साल भर

मौसममहीनेसामान्यकैसा रहता है
जाड़ादिसंबर–फ़रवरी-2–15 °Cऊपरी घाटी पर बर्फ़, दर्रे बंद, और देवता ज़्यादातर विश्राम में। मनाली उन सैलानियों से भर जाती है जो ख़ास तौर पर बर्फ़ देखने आए होते हैं।
बसंतमार्च–अप्रैल5–22 °Cअप्रैल भर सेब का फूल, और मेलों के मौसम का खुलना। मंडी शिवरात्रि इसी खिड़की के अगले सिरे पर पड़ती है और साल का पहला बड़ा जमावड़ा है।
गर्मीमई–जून12–30 °Cघाटी के तल पर साल के सबसे व्यस्त हफ़्ते। रोहतांग और अटल टनल लाहौल की ओर भारी यातायात ढोते हैं, और ऊँचे चरागाह रेवड़ों से भर जाते हैं।
मानसूनजुलाई–सितंबर का मध्य15–27 °Cकांगड़ा से कम बारिश, पर ज़्यादा खड़ी और ज़्यादा टूटी हुई ज़मीन पर। ब्यास तेज़ी से चढ़ती है, सड़क की कटानें बैठ जाती हैं, और घाटी अकेली-अकेली घटनाओं में बार-बार पुल, नदी-किनारे की इमारतें और राजमार्ग के हिस्से गँवा चुकी है।
मानसून के बादसितंबर का आख़िर–नवंबर5–24 °Cसेब की तुड़ाई और उसे ढोने की भागदौड़, फिर अक्टूबर में कुल्लू दशहरा। साफ़ हवा, और बर्फ़ पड़ने से पहले तीर्थन तथा सैंज के जलग्रहणों में चलने का सबसे अच्छा समय।

घूमने का सबसे अच्छा समयफ़सल, साफ़ मौसम और दशहरे के लिए सितंबर के आख़िर से नवंबर के शुरू तक; फूल और ऊपरी घाटियों के लिए अप्रैल से जून। इन सड़कों पर जुलाई–अगस्त के मानसून के शिखर से बचें।

कुल्लू और मंडी की जलवायु, भू-आकृतियाँ, नदियाँ और मौसम, और घूमने के लिए साल का सबसे अच्छा समय। (5)