ब्रज · Upper Indus–Gangetic Plain
भूभाग और पारिस्थितिक अंचल
अर्ध-शुष्क से उप-आर्द्र, अपने पूरब के अवध के मैदान से ज़्यादा सूखा और गर्मियों में ज़्यादा तपने वाला। सालाना वर्षा मोटे तौर पर 600–700 मिमी, जिसका लगभग सारा हिस्सा जून के आख़िर और सितंबर के बीच गिरता है; मई और जून में तापमान नियमित रूप से 44–46 °C तक पहुँचता है, और फ़रवरी-मार्च का होली का मौसम साल का सबसे सुहावना और सबसे आरामदेह हिस्सा है।
भू-आकृतियाँ
यमुना की जलोढ़ छत, वह समतल इलाका जिस पर मंदिरों के क़स्बे खड़े हैंगोवर्धन — क़रीब सात किलोमीटर लंबी क्वार्ट्ज़युक्त बलुआ-पत्थर की एक नीची कटक, मीलों में इकलौती ऊँचाईबरसाना, नंदगाँव और कामां पर अरावली के अवशेष, जिनमें से हर एक पर चोटी का एक मंदिर हैयमुना खादर — सक्रिय बाढ़-मैदान, जो दो बाढ़ों के बीच बोया जाता हैपवित्र कुंड और सरोवर — सैकड़ों की तादाद में, जिनमें से बहुत सारे अपने गाँव का इकलौता सतही जल हैं
नदियाँ और जलाशय
यमुना — क्षेत्र की धुरी, और ख़ुद एक सीमा नहीं बल्कि पूजा की वस्तुभरतपुर वाले हिस्से में उटंगन और गंभीरदक्षिणी सीमा-पट्टी पर करबन और सेंगरराधाकुंड, श्यामकुंड, मानसी गंगा, कुसुम सरोवर और पावन सरोवर — ऐसे कुंड जो वह काम करते हैं जो कहीं और नदियाँ करती हैं
साल भर
| मौसम | महीने | सामान्य | कैसा रहता है |
|---|---|---|---|
| शीत | नवंबर–फ़रवरी | 6–25 °C | साफ़ और ठंडा। अन्नकूट और कार्तिक की परिक्रमा का मौसम क़स्बों को भर देता है, और भरतपुर की आर्द्रभूमि प्रवासी पक्षियों के लिए अपने सबसे भरे रूप में होती है। |
| होली का मौसम | फ़रवरी का आख़िर–मार्च | 15–32 °C | बसंत पंचमी से रंग पंचमी तक चालीस दिन का होली-चक्र। बरसाना, नंदगाँव और दाऊजी, हर एक का अपना दिन है, और क्षेत्र अपनी सबसे व्यस्त हालत में होता है। |
| ग्रीष्म | अप्रैल–जून | 28–46 °C | बहुत गर्म और सूखा। ठंडाई, छाछ और ख़ुद ठाकुर जी की गर्मियों की दिनचर्या — चंदन का लेप, हल्के वस्त्र, दोपहर का विश्राम — दिन को व्यवस्थित करती है। |
| मानसून | जुलाई–सितंबर | 26–36 °C | झूले का मौसम। वृंदावन में ठाकुर जी के लिए झूले पड़ते हैं, मल्हार और रसिया गाए जाते हैं, और जन्माष्टमी इसी के चरम पर पड़ती है। |
घूमने का सबसे अच्छा समयअक्टूबर से मार्च। होली के लिए कई दिन पहले पहुँचिए — बरसाना का लठमार दिन राष्ट्रीय तारीख़ से पहले पड़ता है और क़स्बा कई दिन पहले से भर जाता है। अगस्त में जन्माष्टमी मथुरा को उसकी पूरी क्षमता तक भर देती है।
ब्रज की जलवायु, भू-आकृतियाँ, नदियाँ और मौसम, और घूमने के लिए साल का सबसे अच्छा समय। (4)