बृजवासी मिठाई वालामथुरासे 1902
मथुरा का पेड़ा, खुरचन और बर्फ़ी
तीर्थ-व्यापार की एक मिठाई की दुकान, जो क्षेत्र से बाहर निकले बिना एक शृंखला बन गई।
ब्रज · Upper Indus–Gangetic Plain
मथुरा का पेड़ा, खुरचन और बर्फ़ी
तीर्थ-व्यापार की एक मिठाई की दुकान, जो क्षेत्र से बाहर निकले बिना एक शृंखला बन गई।
पेड़ा और रबड़ी
ठाकुर जी के वस्त्र, आभूषण और शृंगार
एक ही बाज़ार में कई सौ छोटी कार्यशालाएँ, जो विग्रहों के मानक नापों पर काम करती हैं और दुनिया भर के घरेलू ठाकुरद्वारों तक माल भेजती हैं।
थोक खोया
दुकान नहीं, मंडी — यह भोर से पहले खुलती है और दिल्ली तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मिठाई-कारोबार को आपूर्ति करती है। सुबह पाँच बजे देखने लायक़।
हाथ से काटे काग़ज़ के स्टेंसिल और जल-सांझी
गिने-चुने परिवार; काम दुकानों के ज़रिए नहीं, सीधे ख़रीदा जाता है।
ब्रज की मशहूर दुकानें, बाज़ार और कारख़ाने, और हर एक किस चीज़ के लिए जाना जाता है। (5)