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मगध · Middle & Lower Gangetic Plain

दुकानें और बाज़ार

सिलाव का खाजा बाज़ारसिलाव, नालंदा

तौलकर बिकने वाला परतदार खाजा

दुकानों की एक अकेली सड़क, सब एक ही चीज़ बेचती हुईं, और हर एक अपने नुस्ख़े को ज़्यादा पुराना बताती हुई।

रमना और टेकारी रोड की तिलकुट वाली गलियाँगया

तिलकुट, खोया तिलकुट और तिल-गुड़

केवल नवंबर से फ़रवरी तक खुली रहती हैं। वहीं से ख़रीदिए जहाँ मूसलों की आवाज़ सुनाई दे — परतें पूरी तरह इसी पर टिकी हैं कि उसे पीटा कैसे गया है।

मनेर की लड्डू की दुकानेंमनेर, पटना ज़िला

मोटे दाने वाला बेसन का लड्डू

दरगाह पर और पटना–आरा सड़क के किनारे बिकता है।

भुंजा की दुकानेंपूरे मगध में

कहते ही बालू में भुना अनाज, और ताज़ा पिसा सत्तू

भुंजा की दुकान से लिया गया सत्तू, जो आपके सामने पीसा जाए, डिब्बाबंद सत्तू से बिलकुल अलग चीज़ है — उसके लिए रास्ता बदलना बनता है।

नवादा और नालंदा के मगही पान उगाने वालेनवादा

मगही पान का पत्ता

गिने-चुने काश्तकार परिवारों से गड्डियों में बिकता है; पत्तों को तैयार माना जाने से पहले कई दिन सिझाया जाता है।

बोधगया के मठों की किताब की दुकानें और शिल्प की गुमटियाँबोधगया

पत्थर और धातु की प्रतिमाएँ, तिब्बती थंका, पालि और तिब्बती ग्रंथ

मगध की मशहूर दुकानें, बाज़ार और कारख़ाने, और हर एक किस चीज़ के लिए जाना जाता है। (6)