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लक्षद्वीप · Island Realms

त्योहार

त्योहारकबक्या होता है
ईद-उल-फ़ितर और ईद-उल-अज़हा (बक़रीद)चंद्र पंचांगवे दो मौक़े जब पूरा द्वीप पकाता है, मिठाइयाँ बनती हैं, लावा और कोलकली की मंडलियाँ निकलती हैं और घर बारी-बारी एक-दूसरे के यहाँ जाते हैं। बक़रीद वहाँ ज़्यादा मायने रखती है जहाँ मवेशी जहाज़ से मँगाने पड़ते हैं।
मिलाद-उन-नबीरबी-उल-अव्वल, चंद्रपैग़ंबर का जन्मदिन, जो दफ़मुत्तु, अरबी-मलयालम भक्ति-गायन और मस्जिद की सभाओं से मनाया जाता है — उत्तरी द्वीपों की मापिला विरासत की सबसे दिखने वाली अभिव्यक्ति।
मुहर्रममुहर्रम, चंद्रमनाया तो जाता है, पर चुपचाप, एक ऐसी आबादी में जो भारी बहुमत से शाफ़ई सुन्नी है। यह वह सार्वजनिक तमाशा नहीं है जो मुख्य भूमि पर होता है।
मिनिकॉय के गाँव-उत्सव और नाव-दौड़ेंमुख्यतः साफ़ मौसम में, और ईद परहर अवह अपनी जहाधोनी और अपनी लावा मंडली उतारता है। गाँवों के दलों के बीच की दौड़ द्वीप के साल की केंद्रीय सामाजिक घटना है, और सालाना द्वीपीय पिकनिक कोई हल्की-फुल्की सैर नहीं, एक औपचारिक तयशुदा आयोजन है।
स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस15 अगस्त और 26 जनवरीइन्हें गिनाना ज़रूरी है, क्योंकि प्रशासन का अपना ब्योरा इन्हें त्योहारों के पंचांग में सबसे ऊपर रखता है और ये कई दिन तक परेडों तथा नृत्य प्रस्तुतियों के साथ मनाए जाते हैं — एक ऐसे क्षेत्र की असली विशेषता, जहाँ हर द्वीप पर सबसे बड़ी संस्था सरकार ही है।

लक्षद्वीप का त्योहार कैलेंडर — क्या मनाया जाता है, कब पड़ता है और क्या होता है। (5)