कैलीपुरुष
चौख़ाने या धारीदार सूती लुंगी, जो कमर पर लपेटी जाती है और बनियान या सादी क़मीज़ के साथ पहनी जाती है। इस क्षेत्र के हर नाव-चालक दल की काम की पोशाक।
किस मौके पर: रोज़ाना और समुद्र में
लक्षद्वीप · Island Realms
यहाँ का पहनावा तटीय मालाबार मुस्लिम शब्दावली है, जिसे गर्मी ने और किसी भी बुनाई परंपरा की ग़ैरहाज़िरी ने पतला कर दिया है — इन द्वीपों पर कभी कोई करघा नहीं चला, और कपड़े का हर थान हमेशा नाव से ही आया। द्वीप जो बनाते हैं वह कॉयर है, और कॉयर कपड़ा नहीं है। मिनिकॉय बाक़ी सबसे अलग कपड़े पहनता है, और उसकी स्त्रियों की पोशाक को साहित्य में मालाबारी नहीं बल्कि मालदीवी चलन के साथ बैठने वाला बताया गया है; इनके स्थानीय नाम प्रकाशित स्रोतों में भरोसे लायक़ ढंग से दर्ज नहीं हैं, और उन्हें अटकल से भरने के बजाय यहाँ बिना नाम के ही छोड़ा गया है।
क्या पहना जाता है
चौख़ाने या धारीदार सूती लुंगी, जो कमर पर लपेटी जाती है और बनियान या सादी क़मीज़ के साथ पहनी जाती है। इस क्षेत्र के हर नाव-चालक दल की काम की पोशाक।
किस मौके पर: रोज़ाना और समुद्र में
सफ़ेद सूती लपेट, जो क़मीज़ और अकसर एक सफ़ेद टोपी के साथ पहनी जाती है, मालाबारी मुस्लिम रिवाज़ के मुताबिक़।
किस मौके पर: जुमे की नमाज़, शादियाँ, औपचारिक
एक हल्का सिर का कपड़ा, जो ब्लाउज़ और लपेटे हुए निचले कपड़े के ऊपर ओढ़ा जाता है। इसका पालन लगभग सर्वव्यापी है, पर कपड़ा पतला होता है और ढीला ओढ़ा जाता है, जो जितना धार्मिक फ़ैसला है उतना ही जलवायु का भी।
किस मौके पर: रोज़ाना, घर से बाहर
एक लंबी ढीली पोशाक, जो लपेटे हुए निचले कपड़े और सोने के गहने के साथ पहनी जाती है, और जिसकी कटाई उत्तरी द्वीपों पर पहने जाने वाले कपड़ों से अलग तथा मालदीवी पहनावे के क़रीब है। त्योहारी रूपों में गले पर भारी कढ़ाई होती है।
किस मौके पर: रोज़ाना और त्योहार
बुनाई और कपड़े
पहनने का कपड़ा नहीं, बल्कि द्वीपों का इकलौता काता हुआ रेशा — नारियल की जटा महीनों लैगून की उथलाई में सड़ाई जाती है, पीटी जाती है, और हाथ के या मशीनी चरखों पर सूत में काती जाती है। प्रशासन कई द्वीपों पर कॉयर कारख़ाने चलाता है, और यह रेशा इकलौता विनिर्मित निर्यात है जो इस क्षेत्र के पास कभी रहा।
गहने
लक्षद्वीप का पारंपरिक पहनावा — कपड़े, हथकरघा बुनाई, जीआई टैग वाले वस्त्र और गहने। (5)