हाड़ौती का 1857 शुष्क उत्तर-पश्चिम की किसी और चीज़ जैसा नहीं था, क्योंकि वह रियासत के बाहर नहीं, उसके भीतर हुआ: कोटा दरबार की अपनी ही टुकड़ियाँ ब्रिटिश पॉलिटिकल एजेंट पर पलट पड़ीं, उसे मार डाला और महीनों राजधानी अपने क़ब्ज़े में रखी, जबकि महाराव अपने महल में बने रहे। उसके बाद साठ साल तक कुछ भी संगठित नहीं हुआ। जब राजनीति लौटी तो वह बूँदी की जागीरों से आई, जहाँ 1922 से काश्तकारों ने बढ़ी हुई देनदारियाँ और लेवी देने से इनकार किया, और उसके बाद ही क़स्बों से, जहाँ 1934 में कोटा में हाड़ौती प्रजा मंडल की स्थापना हुई। चूँकि ये रियासतें थीं, इसलिए इनमें से हर आंदोलन किसी दरबार या किसी जागीरदार के ख़िलाफ़ था; अंग्रेज़ यहाँ इस इंतज़ाम के प्रशासक के रूप में नहीं, उसके ज़मानतदार के रूप में दिखते हैं।
1857 का कोटा उठान15 अक्टूबर 1857 – मार्च 1858
कोटा रियासत की टुकड़ियों ने, रियासत की सेवा के एक अफ़सर लाला जयदयाल और मेहराब ख़ान की अगुवाई में, पॉलिटिकल एजेंट मेजर बर्टन को उनके दो बेटों तथा एक डॉक्टर समेत मार डाला और शहर तथा उसके प्रशासन पर क़ब्ज़ा कर लिया।
परिणाम: करौली की मदद से जनरल रॉबर्ट्स के अधीन एक सेना ने मार्च 1858 में कोटा वापस लिया। जयदयाल और मेहराब ख़ान पकड़े गए और फाँसी दे दी गई; बग़ावत के दौरान राजस्थान का कोई भी क़स्बा इतने लंबे समय तक क़ब्ज़े में नहीं रहा।
बूँदी का बरड़ किसान आंदोलन1922–1943
बूँदी की जागीरों के काश्तकारों ने, पंडित नयनूराम शर्मा और नित्यानंद के संगठन में, ठीक पश्चिम में चल रहे बिजोलिया आंदोलन के नमूने पर बढ़ी हुई राजस्व माँगों, उपकरों और बेगार से इनकार कर दिया।
परिणाम: 2 अप्रैल 1923 को पुलिस ने डाबी में एक जमावड़े पर गोली चलाई, जिसमें नानक जी भील और देवी लाल गुर्जर मारे गए। आंदोलन चरणों में 1940 के दशक तक चलता रहा।
कोटा और बूँदी में प्रजा मंडल की राजनीति1931–1947
बूँदी प्रजा मंडल 1931 में बना, कोटा में हाड़ौती प्रजा मंडल 1934 में और कोटा राज्य प्रजा मंडल 1939 में, और ये सब अपने-अपने दरबारों से नागरिक स्वतंत्रताओं तथा उत्तरदायी शासन की माँग कर रहे थे। एक प्रजा प्रतिनिधि सभा अक्टूबर 1921 में ही कोटा में अनाज पर कर बढ़ाए जाने का विरोध कर चुकी थी।
परिणाम: अगस्त 1942 में कोटा में भारत छोड़ो प्रदर्शनों के बाद गिरफ़्तारियाँ हुईं, और 1945 में बूँदी में पुलिस ने एक जुलूस पर गोली चलाई। उत्तरदायी शासन 1948 और 1949 के विलयों के साथ आया।