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अंग और सीमांचल · Middle & Lower Gangetic Plain

पहनावा और वस्त्र

भागलपुर भारत के एक बड़े हिस्से को कपड़ा पहनाता है और उस हिस्से को ज़्यादातर इसकी ख़बर नहीं — भागलपुरी तसर ही भारतीय अलमारी का मानक गँठीली बनावट वाला रेशम है, और कहीं और जो इस नाम से बिकता है उसका बहुत कुछ इसी एक शहर से होकर गुज़रता है। रोज़ का पहनावा इस संक्रमण के साथ चलता है: बिहार वाली तरफ़ धोती और साड़ी, पूरब बढ़ते हुए लुंगी और बंगाली ढंग की साड़ी, और पूरे सीमांचल में एक साफ़ पहचान वाली मुस्लिम अलमारी।

क्या पहना जाता है

तसर की साड़ी और स्टोलमहिलाएँ

जंगली रेशम से बुनी हुई, प्राकृतिक सुनहरे-भूरे रंग और गँठीली बनावट के साथ, रँगी हुई या बिना रँगी, अक्सर सादे बदन और बुने या छपे किनारे के साथ।

किस मौके पर: औपचारिक और रोज़मर्रा

धोती, कुरता और गमछापुरुष

सूती, जो पूर्वी और मुस्लिम-बहुल ज़िलों में लुंगी के आगे जगह छोड़ देता है।

किस मौके पर: रोज़मर्रा और अनुष्ठान

पूर्वी ढंग से पहनी गई साड़ीमहिलाएँ

क्षेत्र को पार करते-करते पहनने का ढंग बदल जाता है — पल्लू बाएँ कंधे पर आ जाता है और बंगाल की ओर चुन्नटें ढीली पड़ती जाती हैं।

किस मौके पर: रोज़मर्रा

लुंगी, कुरता और टोपीपुरुष, सीमांचल

सूरजापुरी और बांग्ला-भाषी मुस्लिम ज़िलों का आम पहनावा, जो एक घंटा पश्चिम की अलमारी से साफ़ अलग दिखता है।

किस मौके पर: रोज़मर्रा और जुमा

बुनाई और कपड़े

भागलपुर का तसर रेशमजीआई टैगभागलपुर, बाँका

आसपास के जंगलों में पाले गए कोयों से भागलपुर में उतारा और बुना गया जंगली रेशम, जिसकी पहचान उसका प्राकृतिक सुनहरा रंग और अनियमित गाँठें हैं। भौगोलिक संकेतक के रूप में पंजीकृत, और शहर तथा उसके आसपास के दसियों हज़ार करघों का आधार।

घिचा और मटका रेशमभागलपुर

छिदे या ख़राब कोयों से उतारा नहीं, काता गया सूत, जिससे मोटा, बनावट वाला कपड़ा बनता है और जो साज-सज्जा तथा स्टोल में ख़ूब इस्तेमाल होता है।

कटिहार और पूर्णिया का जूटकटिहार, पूर्णिया

पूरे दोआब में उगाया, सड़ाया और मिलों में तैयार किया गया जूट — वह फ़सल जिसने कलकत्ता की जूट अर्थव्यवस्था के दौर में इस पट्टी को एक औद्योगिक क्षेत्र बनाया और उसके ढहने पर इसे असुरक्षित छोड़ दिया।

गहने

चाँदी की हँसुली और पायलनथ और झुमकाबंगाल-प्रभावित ज़िलों में शंख और लाख की चूड़ियाँटिकुली, माथे की बिंदी-नुमा टिकिया

अंग और सीमांचल का पारंपरिक पहनावा — कपड़े, हथकरघा बुनाई, जीआई टैग वाले वस्त्र और गहने। (7)